हे मानव.....
अपनी सही बुद्धि का प्रयोग कर,
पहुंचा रहा है तू कितनी भयानक क्षति..
इस तरह तू नासमझ बन कर,
बढ़ा रहा है गलतफहमियों की गति..
हानिकारक नीतियों को लेकर कर,
मरी जा रही है तेरी मति..
लाख चाहे तू अनुचित कोशिशें कर,
सत्य वही रहेगा - न भूतो न भविष्यति!!
Monday, September 5, 2022
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