Monday, September 5, 2022

And this was on Raksha Bandhan..



उमंगों से भरी वो परी प्यारी,
अलंकार जैसे एक सुनेहरा गेहना..

जिसकी मेहक हो इतनी न्यारी,
ऐसे अनमोल गेहने का क्या केहना..

आपनी मौजुदगी से ख़ुशी बांटे इतनी सारी,
ऐसी है लाखों-करोड़ों में वह बेहना..

कलाई पार बाँधे प्यार का धागा वो बेहना हमारी,
कोई भाई जीवन में कभी न होगा अभागा और न पड़ेगा उसे सेहना।..

No comments:

Post a Comment